अब वैष्णो देवी, अमरनाथ जाने वाले यात्रियों को नहीं झेलनी होगी मौसम की मार !

देश-विदेश से मां वैष्णो देवी और बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को निकट भविष्य में मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी। वे घर से ही मौसम संबंधी जानकारी के मुताबिक सफल और सुरक्षित यात्रा के लिए तैयारी कर सकेंगे। पहाड़ी क्षेत्र में दोनों स्थलों के होने के कारण विशेषतौर पर बरसात में मौसम यात्रियों के लिए चुनौती बना रहता है। बनतालाब, जम्मू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में अत्याधुनिक डाप्लर रडार को स्थापित करने का काम शुरू हो गया है, जिसे आगामी सर्दियों में शुरू करने की योजना है। यह रडार सिस्टम चौबीस घंटे निरंतर चलकर हर दो घंटे में संबंधित क्षेत्र में भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़, हिमस्खलन, भूस्खलन आदि आपदाओं की चेतावनी जारी करेगा। इससे आपात प्रबंधन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

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समय पूर्व उपयुक्त मौसम संबंधी जानकारी मिलने से प्रभावित क्षेत्रों में जानमान की हानि को कम किया जा सकेगा। अत्याधुनिक रडार सिस्टम जम्मू संभाग के सभी दस जिलों के मैदानी इलाकों में मौसम संबंधी पूर्व जानकारी देने में सक्षम होगा। हालांकि, उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सिग्नल वीक रहने से ऐसी जानकारी कम मिलेगी। एक सामान्य क्लाउड बर्स्ट (बादल फटने) में एक घंटे में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश होती है। ऐसी मौसम संबंधी पूर्व जानकारी न होने के कारण बादल फटने पर नदी नालों में अचानक बाढ़ आ जाने से भारी जानमाल का नुकसान होता है।

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जम्मू-कश्मीर में बरसात में कई जिलों में बादल फटने की घटनाएं होती रहती हैं। इस रडार प्रणाली से जम्मू संभाग के दस जिलों में नो कास्ट वार्निंग (एनसीडब्ल्यू) सिस्टम मजबूत होगा। सितंबर 2014 में भीषण बाढ़ के बाद राज्यपाल और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से श्रीनगर में ऊंचाई वाले क्षेत्र में तोशिबा, जापान निर्मित करोड़ों रुपये का अत्याधुनिक रडार स्थापित किया गया था। तब देश में श्रीनगर में ऐसा पहला मौसम विभाग का उपकरण लगाया गया था। लेकिन जम्मू संभाग इससे अछूता था।

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अत्याधुनिक डाप्लर रडार प्रणाली 100 किलोमीटर के हवाई क्षेत्र को कवर करेगी। यह सिस्टम हर 2-3 घंटे में मौसम की सभी महत्वपूर्ण जानकारियां देगा। यानी जम्मू में लगने वाला रडार बनिहाल को भी कवर करेगा।

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