Friday, October 22, 2021

लम्बे समय बाद सड़कों पर आये सिद्धू तो उड़ी Covid-19 की धज्जियां

कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू लंबे अरसे बाद आज राजन‍ीतिक रूप से सक्रिय हुए और सार्वजनिक रूप से नजर आए। सिद्धू आज संसद में कृषि सुधार विधेयकों को पारित करने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में सड़कों पर उतरे। इसमें काफी संख्‍या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शन में सिद्धू ट्रैक्टर पर सवार होकर शामिल हुए। उनके समर्थक भी ट्रैक्‍टरों पर सवार थे। सिद्धू ने कहा कि ये कृषि विधेयक किसानों पर वज्रपात की तरह हैं। इस दौरान सिद्धू और प्रदर्शन में शामिल लोगों ने शारीरिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया और मास्‍क नहीं पहना। सिद्धू भी बिना मास्‍क के थे। इस दौरान भारी संख्‍या में पुलिस तैनात रही, लेकिन‍ नियम तोड़ने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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नवजोत सिंह सिद्धू ने दो दिन पहले ही प्रदर्शन करने और धरना देने की घोषणा की थी। प्रदर्शन में काफी संख्‍या में लोग उमड़े और इस कारण सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गई। बता दें कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ हुए विवाद के बाद से राजनीतिक तौर पर वह एकांतवास में चले गए थे। सिद्धू ने इस दौरान उन्‍होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित भी किया। सिद्धू ने तीन कृषि विधेयकों का विरोध किया। सिद्धू के साथ उनके अपने विधानसभा हलके अमृतसर पूर्वी के पार्षदों भी थे। सिद्धू का रोष मार्च भंडारी पुल से हालगेट तक हो रहा है।

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सिद्धू के आने से पहले ही कार्यकर्ताओं का जमावड़ा भंडारी पुल पर लग चुका था। प्रदर्शन के दौरान बरारी पुल पर शारीरिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ीं और कार्यकर्ताओं ने मास्क तक नहीं पहना। नवजोत सिंह सिद्धू ने भंडारी पुल पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वह ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवार होकर रैली निकाली। भंडारी पुल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, पर पुलिस ने भी कोरोना काल में लागू एपिडेमिक एक्ट के तहत कोई कार्रवाई नहीं की।
कोरोना काल में सिद्धू जी यह रैली विवादों में घिर गई है। सिद्धू ने स्वयं भी मास्क नहीं पहना है और शारीरिक दूरी के नियम का पालन भी नहीं कर रहे।

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21 जुलाई, 2019 से गायब सिद्धू यूं तो बीच-बीच में लोगों को दिखाई देते रहे, लेकिन उन्होंने हलके से दूरी बनाए रखी। धरने की रणनीति के लिए मंगलवार को होली सिटी स्थित उनकी कोठी में मीटिंग भी हुई थी। इस दौरान मीडिया को इससे दूर रखा गया।

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