Friday, September 17, 2021

कांग्रेस में अंतर्कलह पर सामने आया सिब्बल का बयान, बोले-पार्टी के लिए हर हार सामान्य

बिहार चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस में एक बार फिर अंतर्कलह शुरू हो गया है। पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। सिब्बल का कहना है कि कांग्रेस को अब हर हार सामान्य घटना की तरह लगने लगी है। उन्होंने कहा, ‘बिहार चुनाव और उपचुनावों में हालिया प्रदर्शन पर कांग्रेस पार्टी (के शीर्ष नेतृत्व) के विचार अब तक सामने नहीं आए हैं। शायद उन्हें लगता हो कि सब ठीक है और इसे सामान्य घटना ही माना जाना चाहिए।’

अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए इंटरव्यू में चुनावों में हार पर कांग्रेस लीडरशिप के रवैये को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सिब्बल ने यह बात कही। उन्होंने कहा ‘मैं सिर्फ अपनी बात कर रहा हूं। मैंने लीडरशिप को कुछ कहते नहीं सुना। इसलिए मुझे नहीं पता। मुझ तक सिर्फ नेतृत्व के इर्द-गिर्द के लोगों की आवाज पहुंचती है। मुझे सिर्फ इतना ही पता होता है।’

यह भी पढ़ें :   जल्द दूभर हो जायेगा दिल्ली का सांस लेना, गैस चैंबर बन सकती है राजधानी !

सिब्बल से पहले बिहार कांग्रेस के बड़े नेता तारिक अनवर भी पार्टी के अंदर मंथन होने की बात कह चुके हैं। बिहार चुनाव के परिणामों के बाद तारिक ने कहा कि पार्टी के अंदर मंथन होना चाहिए। उधर महागठबंधन की राजद और लेफ्ट पार्टियां पर भी लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही हैं।

यह भी पढ़ें :   AIIMS के सवालों के बाद अब सुशांत केस में जुड़ सकती है धारा-302

सिब्बल ने तारिक अनवर के बयान का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा कि एक सहयोगी ने कांग्रेस के अंदर मंथन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘अगर छह सालों में कांग्रेस ने आत्ममंथन नहीं किया तो अब इसकी उम्मीद कैसे करें? हमें कांग्रेस की कमजोरियां पता हैं। हमें पता है सांगठनिक तौर पर क्या समस्या है। मुझे लगता है कि इसका समाधान भी सबको पता है। कांग्रेस पार्टी भी जानती है, लेकिन वो इन समाधान को अपनाने से कतराते हैं। अगर वो ऐसा करते रहेंगे को ग्राफ यूं ही गिरता रहेगा। यह कांग्रेस की दुर्दशा की स्थिति है जिससे हम सब चिंतित हैं।’

यह भी पढ़ें :   चंडीगढ़ पुलिस के सामने उड़ी कोरोना नियमों की धज्जियां, मुंह ताकती रही पुलिस

सिब्बल से जब पूछा गया कि जब कांग्रेस को समाधान पता है तो इसका शीर्ष नेतृत्व इसे अपनाने से क्यों हिचकता है? इस सवाल पर उन्होंने बिना लाग-लपेट कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कांग्रेस कार्यसमिति यानी सीडब्ल्यूसी के सदस्य मनोनीत होते हैं। सीडब्ल्यूसी को कांग्रेस पार्टी के संविधान के मुताबिक लोकतांत्रिक बनाना होगा। आप नामित सदस्यों से यह सवाल उठाने की उम्मीद नहीं कर सकते कि आखिर कांग्रेस पार्टी चुनाव दर चुनाव कमजोर क्यों होती जा रही है?

यह भी पढ़ें :   बेबाक बयानों से सुर्खियां बटोरते विज ने कहा- ‘क से कांग्रेस, क से कलह’

पार्टी की बेहतरी से जुड़े उपायों पर कांग्रेस नेता सिब्बल ने कहा,’सबसे पहले तो हमें संवाद की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। हमें गठबंधन की जरूरत है और हमें जनता तक पहुंचने की भी आवश्यकता है। हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि जनता हमारे पास आएगी। हम उस तरह की ताकत नहीं रहे, जैसे कि कभी हुआ करते थे। हमें उन लोगों तक पहुंच बनानी होगी, जिन्हें राजनीतिक अनुभव है। लेकिन इस कवायद के लिए सबसे पहले विचार-विमर्श करना जरूरी है।

यह भी पढ़ें :   बेबाक बयानों से सुर्खियां बटोरते विज ने कहा- ‘क से कांग्रेस, क से कलह’

सिब्बल ने कहा, ‘हमें कई स्तरों पर कई चीजें करनी हैं। संगठन के स्तर पर, मीडिया में पार्टी की राय रखने को लेकर, उन लोगों को आगे लाना-जिन्हें जनता सुनना चाहती है। साथ ही सतर्क नेतृत्व की जरूरत है, जो बेहद एहतियात के साथ अपनी बातों को जनता के सामने रखे।

Latest news

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिअद और बसपा के बीच 4 सीटों पर हुई अदला-बदली

शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी ने पंजाब विधानसभा 2022 के लिए चार सीटों पर हिस्‍सेदारी में बदलाव किया है। शिअद- बसपा गठबंधन...

आयकर से जुड़े मामले में कैप्टन अमरिंदर सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को आयकर से जुड़े मामले में बड़ी राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कैप्‍टन के...

एयर प्यूरीफिकेशन टावर की दुनिया कायल, शुद्ध करेगी चंडीगढ़ की हवा

चंडीगढ़ शहर के ट्रांसपोर्ट चौक पर तैयार किए गए एयर प्यूरीफिकेशन टावर की दुनिया कायल हो गई है। कई शहरों में अब ऐसे ही...
यह भी पढ़ें :   गर्भपात की समय सीमा बढ़ाने का विधेयक राज्यसभा से पास

धर्मशाला हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी बनेगी या नहीं? महाराष्ट्र सरकार करेगी फैसला !

धर्मशाला हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी बनेगी या नहीं, इसका फैसला जयराम सरकार महाराष्ट्र सरकार से मांगी गई जानकारी आने के बाद करेगी। प्रदेश...

Related news

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिअद और बसपा के बीच 4 सीटों पर हुई अदला-बदली

शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी ने पंजाब विधानसभा 2022 के लिए चार सीटों पर हिस्‍सेदारी में बदलाव किया है। शिअद- बसपा गठबंधन...

आयकर से जुड़े मामले में कैप्टन अमरिंदर सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को आयकर से जुड़े मामले में बड़ी राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कैप्‍टन के...

एयर प्यूरीफिकेशन टावर की दुनिया कायल, शुद्ध करेगी चंडीगढ़ की हवा

चंडीगढ़ शहर के ट्रांसपोर्ट चौक पर तैयार किए गए एयर प्यूरीफिकेशन टावर की दुनिया कायल हो गई है। कई शहरों में अब ऐसे ही...

धर्मशाला हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी बनेगी या नहीं? महाराष्ट्र सरकार करेगी फैसला !

धर्मशाला हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी बनेगी या नहीं, इसका फैसला जयराम सरकार महाराष्ट्र सरकार से मांगी गई जानकारी आने के बाद करेगी। प्रदेश...