Saturday, October 16, 2021

कृषि बिल : दिल्ली के लिए कूच करने निकले किसानों को पुलिस ने रोका

कृषि कानून को लेकर देशभर में किसानों का प्रदर्शन आज भी जारी है. शुक्रवार को हरियाणा से हजारों की संख्या में किसानों ने दिल्ली के लिए कूच किया. किसान हरियाणा से दिल्ली के विजय घाट आ रहे थे, जहां लाल बहादुर शास्त्री की समाधि पर श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम था.

हालांकि, पुलिस ने किसानों को दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर ही रोक लिया. जिसके बाद किसान और पुलिस के बीच काफी देर तक तनातनी बनी रही. किसान दिल्ली जाने की बात पर अड़े रहे, वहीं पुलिस उन्हें रोकती रही. इस दौरान जीटी रोड पर भी वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया और वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

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दरअसल, 2 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है. हर साल बड़ी संख्या में किसान दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री के समाधि स्थल पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं.

शुक्रवार को भी भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल कुंडली बॉर्डर के रास्ते लाल बहादुर शास्त्री के समाधि स्थल पर जा रहा था. प्रतिनिधिमंडल में सोनीपत के किसानों के साथ-साथ पंजाब के किसान भी शामिल थे. लेकिन कुंडली बॉर्डर पर पहुंचते ही पुलिस ने किसानों को रोक दिया और उन्हें आगे नहीं जाने दिया.

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कुंडली बॉर्डर पर पुलिस के द्वारा रोके जाने से किसान गुस्से में आ गए. किसानों ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से लाल बहादुर शास्त्री के समाधि स्थल तक जाने की मंजूर ली थी. किसानों का लक्ष्य सिर्फ शास्त्री जी के समाधि स्थल पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देना था. किसान वहां किसी भी प्रकार का कोई धरना प्रदर्शन आदि नहीं करना चाहते हैं.

किसानों ने कहा कि हम कोरोना संक्रमण को लेकर जारी गाइडलाइन का भी पालन कर रहे हैं. बावजूद इसके किसानों को रोकना पुलिस की ज्यादती है. सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए किसानों ने कहा कि सरकार नए कृषि कानून को वापस ले, क्योंकि इससे मंडियां समाप्त हो जाएंगी, जिसके बाद किसानों को फसलों का उचित भाव नहीं मिलेगा.

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किसानों की ओर से कहा गया कि निजी कंपनियां किसानों की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक में नहीं खरीदेंगी. मंडिया बंद होने से लाखों लोगों का रोजगार समाप्त हो जाएगा.किसानों ने सरकार से मांग की कि सरकार जल्द से जल्द नए कृषि कानून को रद्द करे.

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