Tuesday, November 29, 2022

छात्राओं के यौन शोषण मामले पर गंभीर नहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी, मानवाधिकार आयोग ने उठाये सवाल

हरियाणा में शिक्षा विभाग के अधिकारी गूंगे और बहरे हैं। छात्राओं के यौन शोषण जैसे गंभीर मामले की जांच के प्रति भी वे गंभीर नहीं हैं। उन्हें हरियाणा मानवाधिकार आयोग की भी किसी तरह की कोई परवाह नहीं है।” यह टिप्पणी हरियाणा मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन सेवानिवृत्त जस्टिस एसके मित्तल व जस्टिस दीप भाटिया पर आधारित बेंच ने हरियाणा शिक्षा विभाग के नकारात्मक रवैये को देखते हुए की।

हिसार जिले के आदमपुर के सरकारी स्कूल में शिक्षकों द्वारा एक के बाद एक 40 छात्राओं के साथ यौन शोषण की घटनाएं हुई थीं। इस बाबत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज की गई थी। इस शिकायत के आधार पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने मामले में सुनवाई शुरू की थी।

यह भी पढ़ें :   मुख्यमंत्री ने यूक्रेन से लौटे प्रदेश के विद्यार्थियों से वर्चुअल संवाद किया

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने 24 अगस्त 2020 को माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक को इस मामले में नोटिस जारी कर 14 दिसंबर तक मामले की स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश दिया, लेकिन निदेशक की तरफ से आयोग के सामने कोई जवाब दायर नहीं किया गया। इसके बाद आयोग ने दोबारा रिमाइंडर जारी कर 16 मार्च 2021 तक रिपेार्ट दायर करने को कहा, लेकिन शिक्षा निदेशक की तरफ से कोई भी रिपोर्ट आयोग के सामने पेश नहीं की गई।

यह भी पढ़ें :   एजुकेशन डिपार्टमेंट का फरमान, अब टीचर्स पढ़ने के साथ-साथ स्कूल में बाटेंगे मिड-डे-मील

आयोग ने इसके बाद मामले को 13 मई तक स्थगित कर दिया। फिर मामले की सुनवाई टाली गई, लेकिन आयोग की तरफ से कोर्ट में रिपोर्ट दायर नहीं की गई। आयोग के सचिव की तरफ से शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व निदेशक को संदेश भेज कर रिपोर्ट देने को कहा गया, जिसका कोई फायदा नहीं हुआ। आयोग को लगता है कि निदेशक शिक्षा विभाग इस मामले को दबाना चाहते हैं। जानबूझकर आयोग के आदेश की अवेहलना की जा रही है।

यह भी पढ़ें :   टिकैत का दावा, किसान आंदोलन के समर्थन में बीजेपी सांसद देंगे इस्तीफा !

बेंच ने कहा कि मानवाधिकार आयोग शिक्षा विभाग की ऐसी कार्यप्रणाली से खुश नहीं है, जो छात्राओं के यौन शोषण जैसे मामले में नकारात्मक रवैया अपनाकर दोषियों को बचाने का काम कर रहे हैं। शर्म की बात है कि शिक्षा विभाग में ऐसे अधिकारी काम कर रहे हैं।

आयोग ने कहा कि वे ऐसे गंभीर मामले में रिपोर्ट न देने व मामले को दबाए रखने के कारण कठोर आदेश से पहले निदेशक को अंतिम मौका देता है। आयोग ने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व निदेशक को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। बेंच ने इस आदेश की एक कापी राज्य के मुख्य सचिव को भी भेजने का आदेश देते हुए सुनवाई 17 अगस्त तक स्थगित कर दी।

यह भी पढ़ें :   हिमाचल प्रदेश में लॉकडाउन खुलते ही नशा माफ‍िया पूरी तरह से सक्रिय

Latest news

बच्चों व महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए नहीं छोड़ी जाएगी कोई कमी: डा. बलजीत कौर

सामाजिक सुरक्षा और महिला व बाल विकास मंत्री पंजाब डा. बलजीत कौर ने कहा कि विभाग की ओर से बच्चों व महिलाओं के सर्वांगीण...

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में गन कल्चर पर सख़्ती से नकेल कसने के निर्देश

गन कल्चर पर रोक लगाने और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को कायम रखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब...

जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए बाली की यात्रा से पहले प्रधानमंत्री का प्रस्थान वक्तव्य

इंडोनेशिया की अध्यक्षता में होने वाले 17वें जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मैं 14-16 नवंबर 2022 को बाली, इंडोनेशिया...

ईंटों के भठ्ठों के लिए ईंधन के रूप में पराली को 20 प्रतिशत इस्तेमाल करने को किया अनिवार्य

धान की पराली के प्रबंधन में निरंतर प्रयास कर रही राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में अहम कदम उठाते हुए राज्य भर में ईंटों...

Related news

यह भी पढ़ें :   एक बार फिर कोरोना के मामलों में आया उछाल, 8 राज्यों में हालात ज़्यादा खराब

बच्चों व महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए नहीं छोड़ी जाएगी कोई कमी: डा. बलजीत कौर

सामाजिक सुरक्षा और महिला व बाल विकास मंत्री पंजाब डा. बलजीत कौर ने कहा कि विभाग की ओर से बच्चों व महिलाओं के सर्वांगीण...

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में गन कल्चर पर सख़्ती से नकेल कसने के निर्देश

गन कल्चर पर रोक लगाने और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को कायम रखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब...

जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए बाली की यात्रा से पहले प्रधानमंत्री का प्रस्थान वक्तव्य

इंडोनेशिया की अध्यक्षता में होने वाले 17वें जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मैं 14-16 नवंबर 2022 को बाली, इंडोनेशिया...

ईंटों के भठ्ठों के लिए ईंधन के रूप में पराली को 20 प्रतिशत इस्तेमाल करने को किया अनिवार्य

धान की पराली के प्रबंधन में निरंतर प्रयास कर रही राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में अहम कदम उठाते हुए राज्य भर में ईंटों...