Thursday, October 21, 2021

51 साल बाद बिहार में स्पीकर की कुर्सी के लिए चुनाव, बीजेपी के हाथ आया सदन

बिहार विधानसभा में महागठबंधन की जमकर मोर्चेबंदी के बावजूद NDA उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा स्पीकर चुन लिए गए। जदयू ने आखिरी वक्त पर व्हिप जारी कर दिया। इससे तेजस्वी का खेल बिगड़ गया और राज्य में पहली बार स्पीकर की कुर्सी भाजपा को मिल गई।

राज्य में 51 साल यानी 1969 के बाद स्पीकर पद के लिए चुनाव हुआ। चुनाव से पहले जमकर उठापटक भी हुई। पटना से करीब 350 किलोमीटर दूर रांची में चारा घोटाले की सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव ने भी भाजपा विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिश की, लेकिन उनका चारा काम न आया। नए स्पीकर सिन्हा (53) लखीसराय से लगातार तीसरी बार भाजपा विधायक हैं। वे मंत्री भी रह चुके हैं।

भाजपा एक दिन पहले ही विधायकों को हाजिर रहने का व्हिप जारी कर चुकी थी, जबकि जदयू ने व्हिप जारी नहीं करने का फैसला किया था। उसने इसकी घोषणा भी की थी, लेकिन आखिरी वक्त पर उसने सेफ साइड में व्हिप जारी कर दिया। अगर जदयू के विधायक नहीं आते और भाजपा का उम्मीदवार हार जाता, तो यह कहा जाता कि नीतीश ने लोजपा-भाजपा के रिश्तों के विरोध में ऐसा किया। माना जा रहा है कि ऐसे आरोपों से बचने के लिए ही जदयू ने व्हिप जारी करने का फैसला किया।

यह भी पढ़ें :   सीमा पार आतंकवाद प्रमुख वैश्विक चुनौती : विदेश मंत्री

स्पीकर के चुनाव से पहले विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी विधायक वेल में आ गए और सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी का विरोध करने लगे। दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। पूर्व सीएम जीतनराम मांझी को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया था। वे वॉइस वोट से स्पीकर का चुनाव कराना चाहते थे, लेकिन विपक्ष राजी नहीं था। विपक्ष इस बात पर भी अड़ा था कि जब सीएम नीतीश कुमार और दो मंत्री अशोक चौधरी और मुकेश सहनी नई विधानसभा के सदस्य नहीं हैं तो उन्हें मतदान प्रक्रिया के दौरान सदन से बाहर किया जाए और सीक्रेट बैलेट से वोटिंग कराई जाए।

यह भी पढ़ें :   अमृतसर से अबोहर आ रही अनियंत्रित बस पेड़ से टकराई, हादसे में 1 की मौत
यह भी पढ़ें :   पेट्रोल-डीज़ल के बढ़े दाम डाल रहे आमजन की जेब पर बोझ, किराया भी बढ़ा

विपक्ष के सदस्य वेल में बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। जब विपक्ष का बवाल नहीं थमा तो प्रोटेम स्पीकर मांझी ने विधान परिषद के सदस्य नीतीश कुमार और दोनों मंत्रियों चौधरी और सहनी को बाहर जाने को कहा। दोपहर 12 बजे करीब 5 मिनट के लिए सदन स्थगित करा दिया।

इसके बाद सदन जब दोबारा बैठा, तब भी विपक्ष ने सीक्रेट वोटिंग की मांग जारी रखी। प्रोटेम स्पीकर ने सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों को बारी-बारी से खड़ा कर वोटों की गिनती कराई। इसके बाद दोपहर करीब पौने एक बजे प्रोटेम स्पीकर ने NDA प्रत्याशी सिन्हा को स्पीकर घोषित कर दिया। सिन्हा के पक्ष में 126 वोट और विरोध में 114 वोट पड़े। हंगामे के बीच नए अध्यक्ष को तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार ने आसन पर बैठाया। मांझी ने प्रोटेम स्पीकर होने की वजह से वोट नहीं दिया, जबकि बसपा के दो विधायक गैर-हाजिर रहे।

यह भी पढ़ें :   पेट्रोल-डीज़ल के बढ़े दाम डाल रहे आमजन की जेब पर बोझ, किराया भी बढ़ा
यह भी पढ़ें :   हारकर भी ओलंपिक्स में रवि दहिया ने जीता रजत, कुछ ऐसा रहा मुकाबला

इससे पहले विधानसभा में हंगामे की वजह से 5 मिनट के लिए हाउस स्थगित किया गया था। इसी 5 मिनट में तेजस्वी यादव ने वीडियो रिकॉर्ड कर बयान जारी किया। तेजस्वी ने कहा- देश-दुनिया के सामने लोकतंत्र और संविधान की हत्या हो रही है। विधानसभा चुनाव में जनादेश की चोरी और स्पीकर के चुनाव में भी खुलेआम चोरी हो रही है।

तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार विधानसभा नहीं, विधान परिषद के सदस्य हैं। दो मंत्री तो विधान परिषद के भी सदस्य नहीं हैं। उनके कई विधायक गैर-हाजिर हैं और नेताओं को फर्जी विधायक बनाकर बैठाया गया है। नियम कहता है कि जो सदन का सदस्य नहीं होता, उसे वोटिंग के लिए दरवाजे बंद होने से पहले बाहर जाना होता है।

Latest news

अफगानिस्तान के मौजूदा हालात को लेकर रूस ने बुलाई अहम बैठक, अमेरिका ने आने से किया इंकार

रूस ने अफगानिस्तान के मौजूदा हालात को लेकर एक अहम बैठक बुलाई है। 20 अक्तूबर को होने वाली 'मास्को फार्मेट' वार्ता में भाग लेने के...

जम्मू-कश्मीर : पर्यटन सीजन में सिलेक्टिव कीलिंग ने रोके घाटी में सैलानियों के कदम 

कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग के इनपुट तीन माह पहले से मिल गए थे, लेकिन खुफिया एजेंसियों की इस सूचना पर पुलिस समेत अन्य...

आर्यन खान के मौलिक अधिकारों की रक्षा की मांग लेकर शिवसेना ने किया कोर्ट का रुख

मुंबई क्रूज ड्रग्स पार्टी में गिरफ्तार आर्यन खान के मौलिक अधिकारों की रक्षा की मांग लेकर शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की...
यह भी पढ़ें :   सीमा पार आतंकवाद प्रमुख वैश्विक चुनौती : विदेश मंत्री

पंजाब में सत्ता परिवर्तन के साथ छलका सुनील जाखड़ का दर्द…

सुनील जाखड़ का पहले प्रधानगी पद गया और अब वे मुख्यमंत्री बनते-बनते रह गए। ऐसे में उनका दर्द छलक उठा, जिसके परिणामस्वरूप सुनील जाखड़...

Related news

अफगानिस्तान के मौजूदा हालात को लेकर रूस ने बुलाई अहम बैठक, अमेरिका ने आने से किया इंकार

रूस ने अफगानिस्तान के मौजूदा हालात को लेकर एक अहम बैठक बुलाई है। 20 अक्तूबर को होने वाली 'मास्को फार्मेट' वार्ता में भाग लेने के...

जम्मू-कश्मीर : पर्यटन सीजन में सिलेक्टिव कीलिंग ने रोके घाटी में सैलानियों के कदम 

कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग के इनपुट तीन माह पहले से मिल गए थे, लेकिन खुफिया एजेंसियों की इस सूचना पर पुलिस समेत अन्य...

आर्यन खान के मौलिक अधिकारों की रक्षा की मांग लेकर शिवसेना ने किया कोर्ट का रुख

मुंबई क्रूज ड्रग्स पार्टी में गिरफ्तार आर्यन खान के मौलिक अधिकारों की रक्षा की मांग लेकर शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की...

पंजाब में सत्ता परिवर्तन के साथ छलका सुनील जाखड़ का दर्द…

सुनील जाखड़ का पहले प्रधानगी पद गया और अब वे मुख्यमंत्री बनते-बनते रह गए। ऐसे में उनका दर्द छलक उठा, जिसके परिणामस्वरूप सुनील जाखड़...